भाभी कल्चर, और इंटरनेट की अश्लीलता।

भाभी कल्चर और अश्लीलता पे सबसे मजेदार एपिसोड।

 

आपने अक्सर यूट्यूब, इंस्टाग्राम या फेसबुक चलाते वक्त देखा होगा। अजीब से थांबनेल , साडी मे डांस करती महिलाएं और नीचे कॉमेंट मे गंदी गालिया या भद्दे शब्द। इसे इंटरनेट की भाषा मे भाभी कल्चर कहा जाता है क्या आपने कभी सोचा है की एक ऐसा रिश्ता जिसे हमारे समाज मे माँ के बराबर या बहुत सम्मानजनक माना जाता था वो इंटरनेट की सबसे बड़ी अश्लिल कटेगरी कैसे बन गया? आज के इस वीडियो मे हम इस गंदगी की पूरी कुंडली खोलेंगे। हम बात करेंगे की ये शुरू कैसे हुआ, इसके पीछे कारण क्या है

 

अगर आप गूगल ट्रेंड या किसी भी एडल्ट वेबसाइट के डेटा को उठाकर देखे , तो भाभी कीवर्ड भारत मे सबसे ज्यादा सर्च किये जाने वाले शब्दो मे से एक है लेकिन सवाल यह है की आखिर एक पवित्र पारिवारिक रिश्ते को अश्लीलता के चस्मे से क्यों देखा जाने लगा? यह सिर्फ एक कीवर्ड नही है बल्कि यह एक गहरी मानसिक बीमारी और समाज के गिरते स्तर का संकेत है

 

भाभी कल्चर का मतलब इंटरनेट पर उस कंटेंट से है जहा शादी शुदा महिलाओं को एक ऑब्जेक्ट की तरह पेश किया जाता है सोशल मीडिया पर रील बनाने वाली साधारण महिलाओं के कॉमेंट सेक्शन मे जाकर देखिये, वहा आपको इस गंदी मानसिकता के हजारो उदाहरण मिल जायेंगे।

 

मनोवैज्ञानिकों का मानना है की भारतीय समाज मे भाभी का किरदार हमेशा से ही Forbidden fruitd यानी एक ऐसे रिश्ते के रूप मे देखा गया है जो करीबी भी है और पहुँच से बाहर भी है इसी जिज्ञासा को पॉर्न इंडस्ट्री और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने भुनाना शुरू कर दिया है।

 

आजकल शर्ट वीडियो ऐप्स पर जान बुझकर ऐसा कंटेंट डाला जाता है जो इस फैंटेसि को बढ़ावा दे। साडी पहनकर गानो पर डांस करना या घरेलू कामो के बहाने अंग प्रदर्शन करना, यह सब इसी मार्केटिंग का हिस्सा बन चुका है जिससे व्यूज़ बटोरे जा सके। ये सिर्फ अश्लीलता नही है ये एक बहुत सोची समझी मार्केटिंग स्ट्रेटजी है

 

अब बात करते है आपके सोशल मीडिया फीड की। आपने देखा होगा की कई महिलाएं साडी पहनकर, सिर पर पल्लू रखकर किचन मे काम करते हुए या सफाई करते हुए वीडियो डालती है इसमें गलत कुछ नही है लेकिन उनके कैमरा एंगल और बैकग्राउंड म्युजिक को गौर से देखिये। वो जान बुझकर ऐसे शॉर्ट लेती है जो दर्शको की गंदी सोच को ट्रीगर करे।

 

इसे सॉफ्ट पॉर्न की श्रेणि मे रखा जाता है इसमें कुछ भी सीधा साधा नग्न नही होता, लेकिन सब कुछ इशारों इशारों मे होता है क्यों, क्योकि इन महिलाओं को पता है की अगर वो नार्मल वीडियो डालेंगी तो 50 व्यू आयेंगे, लेकिन अगर वो भाभी वाला टैग और ऐसे इशारों के साथ वीडियो डालेंगी तो रातों रात लाखों व्यू मिल जायेंगे। ये व्यूज़ की भूख नैतिकता को खत्म कर रही है।

 

संबंधित खबरे:

संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है Samvidhan Divas Constitution Day

Chhatrapati Shivaji Maharaj: अफजल खान।

आप इन दोनों अर्टिकल को देख सकते है धन्यवाद।

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top