
जब हम किसान शब्द सुनते है तो हमारे मन मे एक पुरुष की छवि उभरती है जो हल चला रहा है लेकिन सच्चाई यह है की भारत के कृषि क्षेत्र मे काम करने वाली 75% से अधिक महिलाएं है और इनमे से एक बड़ा हिस्सा उन दलित समुदायों से आता है जिनके पास अपनी एक इंच जमीन भी नही है जब हम अदृश्य खेती (invisible Farming) की बात करते है तो हम उस मेहनत की बात कर रहे है जिसे जनगणना तो गिनती है लेकिन समाज किसान का दर्जा नही देता है। जीडीपी मे उनको सही स्थान नही मिलता है भारत मे लगभग 70-80% ग्रामीण महिलाएं खेती से जुड़ी है लेकिन उनमे से केवल 13% के पास ही जमीन का मालिकाना हक है तो आज के इस एपिसोड मे समझेंगे की कैसे भारत का कृषि ढांचा आज भी सामंती और पितृसतात्मक बेड़ियों मे जकड़ा हुआ है जहाँ पसीना दलित महिला का बहता है लेकिन अधिकार अधिकार और पहचान किसी और की होती है
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