प्रोमोसन मे आरक्षण। Reservation

आज हम ऐसे विषय पर चर्चा करने जा रहे है जो भारत के करोड़ो दलितो और पिछड़ों के भविष्य से जुड़ा है और वह है प्रोमोसन मे आरक्षण।

 

 

 

जब हम सामाजिक न्याय की बात करते है तो अक्सर सरकारी नौकरियों मे प्रवेश के समय मिलने वाले आरक्षण की चर्चा होती है लेकिन असली संघर्ष तब शुरू होती है जब एक दलित कर्मचारी अपने करियर मे उपर की सीढ़िया चढ़ना चाहता है

 

भारतीय संबिधान के अनुछेद 16(4A) के तहत प्रोमोसन मे आरक्षण का प्रावधान स्पष्ट रूप से दिया गया है जिसे 77वे संबिधान संसोधन के माध्यम से जोड़ा गया था इसके बावजूद आज भी यह हकीकत है की उच्च पदों पर दलितो का प्रतिनिधित्व न के बराबर है

 

जब हम डेटा देखते है तो पता चलता है की केंद्र सरकार के सचिव स्तर के पदों पर अनुसूचित जाती और जनजाति के अधिकारों की संख्या नगण्य है यह कोई इत्तेफाक नही है बल्कि एक गहरी व्यवस्थागत साजिश है जिसके तहत योग्यता या मेरिट के नाम पर पिछड़ो को हाशिये पर रखा है 

 

 

संबंधित खबरे:

संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है Samvidhan Divas Constitution Day

Ambedkar को क्यों नही मानती, उंची जातियाँ? क्या है वजह |

 

भारतीय संबिधान के अनुछेद 16(4A) के तहत प्रोमोसन मे आरक्षण का प्रावधान स्पष्ट रूप से दिया गया है

 

 

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top