Ambedkar को क्यों नही मानती, उंची जातियाँ? क्या है वजह |

दोस्तो जब भी भारत के इतिहास मे महान नेताओं का नाम लिया जाता है तो उनमे भीम राव आंबेडकर का नाम सबसे उपर आता हैं। आंबेडकर सिर्फ एक दलित समाज के नेता नही थे बल्कि वे पूरे भारत मे संविधान निर्माता, समाज सुधारक और एक सच्चे लोकतांत्रिक विचारक थे उन्होंने अपना पुरा जीवन दलितो, पिछड़ों और महिलाओ की लडाई मे लगा दिया। लेकिन आज भी एक सवाल समाज पूछता है क्यों भारत की उंची, जातियाँ, खास कर ब्राह्मण, बनिया और ठाकुर जैसे परंपरागत प्रभुत्वशाली वर्ग, आंबेडकर को पूरी तरह क्यों उन्हे गाँधी , नेहरू या पटेल जितना सम्मान नहीं दिया? क्या इसके पीछे जातिवादी मानसिकता है। या फिर राजनीति और धार्मिक कारण। आइये इन चीजों को जानते है विस्तार से।

आइये अब थोड़ा विस्तार से जान लेते है? Dr Ambedkar

भारत की जाती व्वस्था हजारो साल पुरानी है मनुस्मृति जैसे ग्रंथो ने इस व्यवस्था को मजबूत किया, जिसमे उची जातियां को पूजा, शिक्षा और शासन का अधिकार मिला जबकि दलितो को अछूत बनाकर रखा गया। आंबेडकर ने सबसे पहले इस व्यवस्था को चुनौती दिया। उन्होंने मनुस्मृति को को सर्वजनिक रूप से जलाया, जिसे मनुस्मृति दहन दिवस कहा जाता है यह घटना 25 दिसंबर 1927 को महाड मे हुई थी अब आप सोचिये, जिन शास्त्रो और धर्मग्रंथो को उंची जातियाँ अपनी पहचान मानती थी उन्हे आंबेडकर ने नकार दिया। यही सबसे बड़ा कारण है की उंची जातियाँ ने आंबेडकर को कभी स्वीकार नही किया। उनके लिए आंबेडकर सिर्फ संबिधान निर्माता नही थे बल्कि वह व्यक्ति थे जिसने उनकी धार्मिक और सामाजिक सत्ता को सीधा चुनौती दिया। दूसरा बड़ा कारण था गाँधी और आंबेडकर का टकराव। गाँधी को उंची जातियाँ हमेशा महात्मा मानती रही लेकिन आंबेडकर ने गाँधी की हरिजन नीति का विरोध किया और कहा की दलितो को सिर्फ सहानुभूति नही, बराबरी चाहिए। 1932 मे जब पूना पैक्ट हुआ, तो गाँधी ने दलितो के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र का विरोध किया। आंबेडकर ईसे दलितो के अधिकार छिनने के बराबर मानते थे उंची जातियो ने गाँधी को अपना नायक बनाया क्योंकि उन्हे जाती व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करने की बजाय उसमे सुधार की बात किया। जबकि आंबेडकर सीधा ब्रम्हानवाद और जातिवाद पर वार कर रहे थे इस वैचारिक टकराव ने उंची जातीया को आंबेडकर से दूर कर दिया।

ये रहा आंबेडकर के बारे में ओ लिखी चीजे जो उंची जातीय नही मानती है यही असली असली कारण है धन्यवाद।
  • DR Ambedkar ke bare me padhe?

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