Nitish kumar Emergency Meeting in Bihar:
बिहार विधान सभा चुनाव में सीट बटवारे को लेकर NDA और महागठबंधन दोनों मे घमासान मचा हुआ है इस बीच नितीश कुमार के आवास पर जदयू की emergency बैठक जारी है

इस Emergency मीटिंग के पहले भागलपुर के सांसद अजय मंडल ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहाँ की मौजूदा सांसद होने की बावजूद टिकट बटवारे मे उनसे कोई सलाह ही नही ली गई। उन्होंने आरोप लगाया की भागलपुर कि विधान सभा सीटो के टिकट के बटवारे मे जिला अध्यक्ष और स्थानीय नेतृत्व की राय को नजर अंदाज किया गया है। वही भागलपुर मे गोपालपुर के विधायक गोपाल मंडल का टिकट कटने की संभावना जताई जा रही है इसी बीच वो सीएम नितीश कुमार से मिलने पटना मे सीएम आवास एक अने मार्ग पहुँचे है लेकिन उन्हे अंदर जाने को नही मिला। इसके बाद गोपाल मंडल एक अने मार्ग के बाहर ही धरने जैसा माहौल बना कर बैठ गए है।
सीट बटवारे को लेकर नाराजगी
NDA मे सीट बटवारे को लेकर मुख्यमन्त्री नितीश कुमार नाराज बताये जा रहे है बताया जा रहा है की नितीश कुमार ने 9 सीटो के बटवारे पर आपति जताई है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इन सीटो पर फिर से बीचार करने की मांग की है इसी खिचतान के चलते NDA की तरफ से अब तक प्रत्याशियों का औपचारिक एलान नही हो सका है।
हालाँकि इसी बीच लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने ट्वीट करके गठबंधन मे सब ठीक होने का दावा किया है उन्होंने लिखा है की NDA दलों मे सीट संख्या का विषय सौहार्दपुरण बातचीत मे पुरा हो चुका है कौन दल किस सीट पर लड़ेगा यह चर्चा भी सकरात्मक बातचीत के साथ अंतिम दौर मे है। चिराग ने मोदी और नितीश के नेतृत्व मे NDA की एकजुटता पर जोर दिया। खबर है की आज शाम को NDA की संयुक्त प्रेस कॉंफ़्रेंस हो सकती है जिसमे गठबंधन की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है

महागठबंधन में भी भारी उथल पुथल हो रहा है
विपक्ष का महागठबंधन भी आधरूंनी संघर्ष से जूझ रहा है सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कुछ RJD उम्मीदवारों को पार्टी का सिम्बल देना शुरू कर दिया था लेकिन यह कदम गठबंधन के अन्य सहयोगियों को रास नही आया। महागठबंधन मे दरार की खबरों के बीच देर रात कई उम्मीदवारों से सिंबल वापस ले लिए गए है बताया जा रहा है की तेजस्वी यादव की आपति और गठबंधन के अन्य नेताओं के दबाव के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। यह घटनाकर्म दिखाता है की भले ही RJD ने पहले अपने दम पर कदम बढ़ाना चाहा हो, लेकिन अब वह सहयोगी दलों की नाराजगी मोल लेने की जोखिम से बचना चाहती है दोनों गठबंधनों मे हो रही यह देरी बिहार की सियासी अनिश्चिता को दर्शाती है। अब देखना यह है की NDA और महागठबंधन कब तक अपने घर की लडाई सुलझाकर चुनावी मैदान मे उतरने के लिए अंतिम रूप से तैयार हो पाते है ।
